Essay On Drug Addiction In Hindi

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Essay on Drug Addiction in Hindi with Causes and Solutions

मादक पदार्थ अंग्रेजी के Drugs शब्द का रूपांतरण है जो नशीली दवा का द्योतक है | वस्तुत: मादक पदार्थ ऐसे रासायनिक पदार्थ है जो व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्रियाओं को प्रभावित करते है इन्हें Narcotics औषधि भी कह सकते है जिनको नार्को टेस्ट में प्रयोग किया जाता है | मनोवैज्ञानिक रूप में Drugs ऐसे पदार्थ है जो व्यक्ति के मष्तिष्क ,स्नायुमंडल को प्रभावित करते है | इन पदार्थो के सेवन से कुछ समय के लिए व्यकित मानसिक तनाव एवं चिन्ताओ से मुक्ति का आभास पाता है | यहा तक कि उसका विषाद एवं कष्ट कम हो जाता है तथा उसे अस्थाई शान्ति एवं आनन्द का अनुभव होता है परन्तु धीरे धीरे व्यक्ति इनके सेवन का गुलाम हो जाता है तथा उसे इनकी लत लग जाती है |

मादक पदार्थो का  दुरुपयोग या औषधि व्यसन क्या है ? What is Drug Abuse and Drug Addiction in Hindi

मादक पदार्थो के दुरुपयोग Drug Abuse शब का आशय उन नशीले पदार्थो का सेवन है जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि के हानिकर है अत: मनुष्य के लिए नुकसानदायक औषधियों या मादक पदार्थो का क्षणिक प्रसन्नता एवं शान्ति के लिए सेवन करना , मादक पदार्थ या औषधि अक दुरुपयोग Drug Abuse कहलाता है | औषधि या मादक पदार्थो का व्यसन शारीरिक निर्भरता की ओर इंगित करता है अर्थात मादक पदार्थ या औषधि व्यसन Drug Addiction वह अवस्था है जिसमे व्यक्ति शरीर संचालन के लिए मादक पदार्थो या औषधियों पर निर्भर हो जाता है अन्यथा शरीर संचालन में बाधाये उत्पन्न हो जाती है |

औषधि व्यसन के लक्षण | Sign and Symptoms of Drug Addict

  • मादक पदार्थ / औषधि के सेवन की प्रबल  इच्छा
  • किसी भी प्रकार इन्हें प्राप्त करने का दृढ़ निश्चय
  • मादक पदार्थो के कुप्रभाव के परिणामस्वरूप मानसिक एवं शारीरिक निर्भरता
  • अध्ययन , खेल , शौक , घर , परिवार एवं व्यवसाय में कम रूचि
  • अनुत्तरदायी पूर्ण व्यवहार
  • खाद्यपान और निद्रा की अनियमित आदते
  • चिडचिडापन तथा अनैतिक आचरण जिसमे चोरी करना म झूठ बोलना आदि शामिल है
  • घर ,स्कूल ,उद्योग में अनुपस्थित रहना
  • हाथ पैरो में कम्पन्न होना तथा स्कूटर या मोटर वाहन चलाने में असमर्थ होना
  • शक्ति क्षीण होना
  • आत्महत्या की प्रवृति पाया जाना
  • भुजाओं /जंघाओं पर इंजेक्शन के चिन्ह होना (इंजेक्शन व्यसनी की स्थिथि में )

मादक पदार्थो में धुम्रपान ,गांजा ,चरस ,अफीम , हशीश ,हेरोइन ,कोकीन , L.S.D. , मार्फीन के इंजेक्शन ,शराब आदि का प्रयोग सम्मिलित है इन्हें High of Speed या Kick अथवा Kicks इत्यादि शब्दों से भी व्यक्त किया जाता है |

मादक पदार्थो के प्रकार | Types of Drugs

  • उत्तेजक Stimulant [ कोकीन  ,एम्फीटामाइन ,मिथेड्रीन्, डेक्सीड्रीन, कैफीन ]
  • निश्चेतक Narcotic  [ मार्फीन ने ननिर्मित हेरोइन ]
  • अवसादक Depressant [ बारबिच्युरेट्स , नेम्बूटाल , सिकोनाल ,सेनोरिल ]
  • भ्रान्तिजनक Hallocinogens [L.S.D.]

औषधि व्यसन के कारण | Causes of Drug Addiction in Hindi

  • बुरे दोस्तों की संगति
  • रोमांच एवं प्रसन्नता प्राप्ति हेतु
  • पलायनवादी प्रवृति
  • उत्सुकता की संतुष्टि हेतु
  • अपने को स्वतंत्र एवं उन्मुक्त समझना
  • शहरीकरण / औधोगिकरण
  • मादक पदार्थो की सहज उपलब्धि
  • अस्वास्थ्यप्रद शैक्षणिक उपलब्धि
  • युवा कुंठाए / छात्र असंतोष / हिप्पी वादी या पॉप संस्कृति
  • अस्वास्थ्यप्रद शैक्षणिक माहौल
  • परिवार का टूटना /अभिभावकों का ध्यान न देना
  • परिवार के किसी सदस्य का औषधि व्यसन होना
  • मादक पदार्थो एवं ड्रग माफीयाओ का विश्वव्यापी जाल

इन कारको को मनोवैज्ञानिक ,सामाजिक ,औषधि उपलब्धि एमव शारीरिक कारणों के अंतर्गत वर्णित किया जा सकता है |

मादक पदार्थो के व्यसन ,दुरुपयोग पर रोकथाम के उपाय | Solution for Drug Addiction in Hindi

  • मादक पदार्थो की तस्करी पर कठोर प्रतिबन्ध
  • औषधि व्यसनियो के प्रति चिकित्सको /नर्सिंग कार्मिको के दृष्टिकोण में बदलाव लाना
  • मादक पदार्थो के खिलाफ व्यापक जन शिक्षा
  • माता पिता ,अभिभावक एवं शिक्षको द्वारा युवाओ की प्रवृतियों पर ध्यान रखना
  • व्यसनियो का उपचार करना
  • सविधानिक प्रावधानों एवं कानूनी प्रतिबंधो का उपयुक्त उपयोग करना तथा इन्हें सुदृढ़ करना
  • नशामुक्ति शिविरों की व्यवस्था तथा अनुवर्ती देखभाल पर विशेष ध्यान देना
  • सीमा पार से मादक पदार्थो की खेप रोकना
  • मादक पदाथो के विरुद्ध विश्व स्तर की कार्यनीति एवं सहयोग की व्यवस्था विकसित करना

Drug Addiction से जुड़े आंकड़े

  • भारत में Drug Addiction के सबसे ज्यादा मामले पंजाब में मिलते है जहा पर लगभग 75 प्रतिशत युवाओं को Drugs की आदत है जिसका मतलब है कि हर 4 बच्चो में से एक को Drugs की लत है जो बहुत चिंता का विषय है |
  • पंजाब के बाद मुम्बई हैदराबाद और कुछ अन्य शहरों में भी Drug Abuse तेजी से फ़ैल रहा है जिसको रोकना बहुत जरुरी है इसलिए दिल्ली में तो Rehab सेण्टर भी शुरू किये गये जो Drug Addicts को उनकी आदत छुडवाने में मदद करते है |
  • भारत के 75 प्रतिशत से ज्यादा घरो में कम से कम एक मादक पदार्थो का सेवन करने वाल मौजूद हो वो चाहे बीडी ,सिगरेट या ओर कोई नशा करता है |
  • जानकारों का मानना है कि 13-14 वर्ष की उम्र में ही मादक पदार्थो के लत सबसे ज्यादा लगती है इसलिए यदि इस उम्र में बच्चो को कण्ट्रोल किया जाए तो Drug पर भी कण्ट्रोल जो सकता है |
  • हर दिन Drug Abuse की वजह से देश में 10 जाने जाती है जिसमे से एक वव्यक्ति की मौत पंजाब से ही होती है |
  • सयुंक्त राष्ट्र के आंकड़ो के अनुसार 2014 में Drug Addiction की वजह से दुनिया भर में 2 लाख लोगो ने अपनी जान गवाई थी |
  • 500 डॉलर बिलियन के व्यापार के साथ Drugs का व्यापार दुनिया में पेट्रोलियम और शस्त्रों के बाद तीसरा सबसे बड़ा व्यापार है |
  • UN की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 10 लाख लोग हेरोइन एडिक्ट है जबकि अनौपचारिक रूप से देखा जाए तो इनकी संख्या 50 लाख तक हो सकती है |
  • 13 से भी ज्यादा प्रकार की Drug अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मौजूद है जिनकी कीमत 1.5 लाख प्रति किलो से लेकर 2.5 करोड़ प्रति किलो तक होती है |
  • भारत में Drug Addiction के सबसे ज्यादा मामले पंजाब ,उत्तर प्रदेश , महाराष्ट्र ,तमिलनाडु राजस्थान और जम्मू कश्मीर में है वही दुसरी ओर भारत में Drug Addiction के सबसे कम मामले सिक्किम ,अंडमान पांडिचेरी और लक्षद्वीप में है |
  • एक Drug Addict प्रतिदिन औसतन 1400 रूपये Drugs में उदा देता है |
  • भारत में Drug माफियाओ के पकड़े जाने पर 10 साल की सजा और 1 या 2 लाख तक के जुर्माने के प्रावधान है |
  • विश्व भर में हर प्रतिदिन 7500 करोड़ Drugs की खपत होती है जिसमे से भारत में रोज 2000 करोड़ के ड्रग की smuggling होती है |
  • भारत में De-Addiction सेंटर्स में 20 प्रतिशत से भी ज्यादा Drug Addict 16 साल से कम उम्र है क्योंकि Drug मेडिकल शॉप पर आसानी से 25 रूपये से कम कीमत पर भी मिल जाती है |
  • Drugs का निर्माण अफ़घानिसतान में होता है जो पाकिस्तान के जरिये भारत में आती है और उसके बाद विश्व के दुसरे देशो में भेजी जाती है | इसमें मुनाफे का प्रतिशत 300 प्रतिशत से भी ज्यादा होता है |
  • Drugs के पैकेट को 553 किमी भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंका जाता है जहा से ड्रग माफिया उसे लेकर 12 घंटे के अंदर दिल्ली पहुचा देते है और वहा से देश के दुसरे इलाको में सप्लाई होती है |

मादक द्रव्य का सेवन, जिसे नशीली दवा के सेवन के रूप में भी जाना जाता है, उस पदार्थ के उपयोग के एक दोषपूर्ण अनुकूलनीय पद्धति को सूचित करता है जिसे निर्भर नहीं माना जाता है।[2] "नशीली दवा का सेवन" शब्द, निर्भरता को अलग नहीं करता है,[3] लेकिन अन्यथा गैर-चिकित्सा संदर्भों में इसका प्रयोग समान तरीके से किया जाता है। मस्तिष्क या व्यवहार को प्रभावित करने वाली कोई औषधि या एक गैर- चिकित्सीय या गैर-चिकित्सा प्रभाव के लिए कार्य-निष्पादन में वृद्धि करने वाली औषधि तक इन शब्दों के परिभाषाओं की एक विशाल श्रेणी है। ये सभी परिभाषाएं विवादास्पद औषधि उपयोग के प्रति एक नकारात्मक निर्णय देते हैं (वैकल्पिक विचारों के लिए उत्तरदायी औषधि उपयोग नामक शब्द से तुलना करें. इस शब्द के साथ अक्सर संबंधित कुछ औषधियों में अल्कोहल, ऐम्फिटामाइन्स, बार्बिचुरेट्स, बेन्ज़ोडायजिपाइन्स, कोकीन, मिथैक्वैलोन्स, एवं ओपिऑयड्स शामिल हैं। इन औषधियों का उपयोग करने से स्थानीय न्याय अधिकार पर निर्भर करते हुए संभावित शारीरिक, सामाजिक, एवं मनोवैज्ञानिक क्षति के अलावा आपराधिक दंड दोनों हो सकता है।[4] नशीली दवा के दुरुपयोग की अन्य परिभाषाएं चार मुख्य श्रेणियों में आती हैं: जन स्वास्थ्य संबंधी परिभाषाएं, जन संचार और स्थानीय भाषा के उपयोग, चिकित्सा संबंधी परिभाषाएं और राजनैतिक तथा आपराधिक न्याय संबंधी परिभाषाएं.

दुनिया भर में, संयुक्त राष्ट्र संघ का अनुमान है कि हेरोइन, कोकीन और कृत्रिम औषधियों के के 50 लाख से अधिक नियमित उपयोगकर्ता हैं।[5]

मादक द्रव्यों का सेवन मादक द्रव्य सेवन संबंधी विकार का एक रूप है।

वर्गीकरण[संपादित करें]

सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी परिभाषाएं[संपादित करें]

सार्वजनिक स्वास्थ्य चिकित्सकों ने नशीली दवा के दुरूपयोग को व्यक्ति की तुलना में एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने की कोशिश की है, जिसमें उन्होंने समाज, संस्कृति और उपलब्धता पर बल दिया है। निहित अर्थों वाले शब्दों अल्कोहल या नशीली दवा के "सेवन" को स्वीकार करने के बजाय, कई सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों ने "मादक द्रव्य एवं अल्कोहल के जैसी समस्याएं" या "नशीली दवाओं के नुकसानदायक/जटिल उपयोग" जैसे पदों को अपनाया है।

ब्रिटिश कोलंबिया के स्वास्थ्य अधिकारियों की परिषद ने - अपने 2005 के नीति चर्चा वाले पत्र, ए पब्लिक हेल्थ एप्रोच टू ड्रग कन्ट्रोल इन कनाडा - में मस्तिष्क या व्यवहार को प्रभावित करने वाले किसी मादक पदार्थ के उपयोग संबंधी एक स्वास्थ्य मॉडल को अपनाया है जो द्विआधारी (या पूरक) विलोम शब्दों "उपयोग" बनाम "दुरूपयोग" संबंधी एकपक्षीय सफेद-एवं-काली संरचना को चुनौती प्रदान करता है। यह मॉडल स्पष्ट रूप से उपयोग की एक विस्तृत श्रेणी की पहचान करता है, जो लाभकारी उपयोग से क्रोनिक निर्भरता तक होते हैं (दायें तरफ आरेख को देखें).

चिकित्सीय परिभाषाएं[संपादित करें]

आधुनिक चिकित्सा संबंधी पेशे में, दुनिया में दो सर्वाधिक इस्तेमाल किये गए नैदानिक उपकरण, अमेरिकी मनश्चिकत्सा संघ की मनोविकार संबंधी नैदानिक एवं सांख्यिकीय नियम पुस्तिका(डीएसएम) एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन का रोग एवं संबंधित स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अंतराष्ट्रीय सांख्यिकीय वर्गीकरण (आईअसीडी), अब नशीली दवा के सेवन की एक मौजूदा चिकित्सा निदान के रूप में पहचान बिल्कुल नहीं करते हैं। इसके बजाय, डीएसएम ने नशीली दवा के सेवन एवं अन्य वस्तुओं के लिए मादक द्रव्य सेवन[6] को एक व्यापक शब्द के रूप में अपनाया है। आईसीडी "मादक द्रव्य के सेवन" या "नशीली दवा के सेवन" शब्दों का प्रयोग करने से बचता है, इसके बजाय वह इसके उपयोग से उपयोगकर्ता को होने वाली शारीरिक या मनोवैज्ञानिक हानि को शामिल करने के लिये "हानिकारक उपयोग" शब्द का प्रयोग करता है। शारीरिक निर्भरता, नशीली दवा का सेवन, एवं नशीली दवा को छोड़ना एवं अन्य मिश्रित पदार्थों को मनोविकार संबंधी नैदानिक एवं सांख्यिकीय नियम पुस्तिका (डीएसएम-IV-TR)) में दर्शाया गया है। इसका खंड पदार्थ निर्भरता निम्नांकित के साथ शुरू होता है:

" पदार्थ निर्भरता जब एक व्यक्ति पदार्थ के उपयोग से संबंधित समस्याओं के बावजूद अल्कोहल या अन्य नशीली दवाओं का उपयोग जारी रखता है, तो पदार्थ निर्भरता का निदान किया जा सकता है।बाध्यकारी और बार-बार प्रयोग करने से दवा के प्रभाव से सहिष्णुता पर प्रभाव एवं उपयोग कम या बंद करने पर वापसी के लक्षण दिखाई पड़ सकते हैं।ये, मादक द्रव्य के दुरूपयोग के साथ-साथ मादक द्रव्य संबंधी विकार माने जाते हैं।[6]

हालांकि, अन्य परिभाषाएं इनसे भिन्न हो सकती हैं, वे शारीरिक या मनोवैज्ञानिक निर्भरता[6] को आवश्यक बना सकती हैं, एवं मादक द्रव्य सेवन के सामाजिक परिणामों के सन्दर्भ में उपचार एवं रोक पर ध्यान केन्द्रित कर सकती हैं।

औषधि का दुरुपयोग[संपादित करें]

औषधि का दुरुपयोग एक शब्द है जिसका प्रयोग आमतौर पर नैदानिक क्षमता वाले नुस्खे पर दिये गये औषधियों के लिए किया जाता है लेकिन जिनके संभावित दुरूपयोग एवं अनुचित उपयोग से जुड़े प्रतिकूल प्रभाव होते हैं, जैसे कि शामक, चिंताहारी, दर्दनाशक, या उत्तेजना वर्द्धक गुण युक्त मनश्चिकित्सा संबंधी औषधियां. नुस्खे की औषधि की स्थिति के आधार पर नुस्खे के दुरूपयोग को विभिन्न प्रकार से एवं असंगत रूप में परिभाषित किया गया है, बिना नुस्खे के उत्पन्न होने वाले उपयोग, मादक प्रभाव प्राप्त करने के लिए अंतराष्ट्रीय उपयोग, प्रशासन की राह, अल्कोहल के साथ अन्तर्ग्रहण, एवं दुरूपयोग या निर्भरता वाले लक्षणों की उपस्थिति या अनुपस्थिति.[7][8]

संकेत और लक्षण[संपादित करें]

वास्तविक यौगिक पर निर्भर करते अल्कोहल सहित औषधि के दुरुपयोग से स्वास्थ्य समस्याएं, सामाजिक समस्याएं, रुग्णता, चोट, असुरक्षित यौन संबंध, हिंसा, मौत, मोटर वाहन दुर्घटनाएं, नर-ह्त्या, आत्महत्याएं, शारीरिक निर्भरता या मनोवैज्ञानिक व्यसन हो सकता है।[9]

मद्याव्यसनियों एवं नशीली दवाओं का उपयोग करने वाले व्यक्तियों में आत्म-ह्त्या की दर बहुत उच्च होती है। आत्महत्या के बढ़ते हुए कारणों को उत्पन्न करने वाले माने जाने वाले कारणों में अल्कोहल (शराब) एवं नशीली दवाओं का लंबे समय तक उपयोग शामिल है जिससे मस्तिष्क की क्रिया में शारीरिक विकृति और साथ ही साथ सामाजिक पृथकता उत्पन्न होती है। एक और कारक नशीली दवाओं का तीव्र मादक प्रभाव है जो आत्महत्या होने की संभावना बढ़ा सकते हैं। अल्कोहल (शराब) का दुरुपयोग करने वाले किशोरों में, 4 आत्महत्याओं में se 1 आत्महत्या अल्कोहल (शराब) के दुरुपयोग करने से संबंधित है।[10] संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 30 प्रतिशत आत्महत्याएं शराब के दुरुपयोग से संबंधित हैं। शराब का दुरुपयोग आपराधिक दोषों से संबंधित है जिसमें बाल शोषण, घरेलु हिंसा, बलात्कार, सेंधमारी एवं हमले शामिल हैं।[11]

नशीली दवाओं के दुरुपयोग, जिसमें अल्कोहल (शराब) एवं निर्धारित औषधियां शामिल हैं, रोग-लक्षण को प्रेरित कर सकते हैं जो मानसिक रोग के समान होते हैं। यह नशे की हालत एवं नशे से छुटकारे की हालत, दोनों में हो सकती है। कुछ मामलों में मादक पदार्थ द्वारा प्रेरित ये मनिविकृतियां माद्यापान हरण के बाद भी लंबे समय तक मनिविकृति या एमफेटामिन या कोकीन के दुरुपयोग के बाद अवसाद. उपयोग की समाप्ति के बाद महीनों तक जारी रहने वाला एक लंबी वापसी वाला सिंड्रोम (सहलक्षण) भी उत्पन्न हो सकता है। बेन्जोडियाज़ेपाइंस लंबी वापसी संबंधी प्रभावों को प्रेरित करने वाला सबसे उल्लखनीय औषधि है जिसके लक्षण कभी-कभी उपयोग की समाप्ति के बाद वर्षों तक जारी रहते हैं। मतिभ्रम करने वाली औषधि का दुरुपयोग उपयोग की समाप्ति के बाद लंबे समय तक भ्रान्तिमूलक एवं अन्य मनोविकार संबंधी घटना को बढ़ावा दे सकता है और नशे के दौरान भांग भय आघातों को बढ़ावा दे सकता है एवं इसके उपयोग करने से मनस्ताप के समान ही अवस्था हो सकती है। आम तौर पर अनवरत अल्कोहल के दुरुपयोग से गंभीर चिंता और अवसाद प्रेरित होते हैं जो अधिकांश स्थितियों में लंबे समय तक संयम के द्वारा कम होते हैं। यहां तक सामान्य अल्कोहल के अनवरत सेवन से भी कुछ व्यक्तियों में चिंता और अवसाद के स्तरों में वृद्धि हो सकती हैं। ज्यादातर मामलों में औषधि द्वारा प्रेरित मनोरोग विकार लंबे समय तक संयम से कम हो जाते हैं।[12]

नशीली दवाओं के सेवन से केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) प्रभावित होता है, जिससे मनोवृत्ति, जागरूकता के स्तरों या अवबोधन एवं संवेदनाओं में परिवर्तन उत्पन्न होते हैं। इनमें से अधिकांश औषधियां सीएनएस के अतिरिक्त अन्य व्यवस्थाओं में भी परिवर्तन ला सकते हैं। इनमें से कुछ का अक्सर दुरुपयोग किया जा रहा माना जाता है। कुछ औषधियों में अन्य की अपेक्षा अनियंत्रित उपयोग उत्पन्न करने की अधिक संभावना होती है।[13]

परंपरागत रूप से, औषधियों के उपयोग के द्वारा बीमारियों का उपचार करने की नयी तकनीक को प्राथमिक देखभाल करने की व्यवस्थाओं में शीघ्रतापूर्वक अपना लिया जाता है। नैलट्रेक्सोन, एक औषधि जिसे मूल रूप से "रेविया" के नाम से बाजार में बेचा गया और इस समय अंत:पेशीय सूत्रण के रूप में "विविट्रॉल" या मौखिक सूत्रण के रूप में एक सामान्य औषधि के रूप में बाजार में बेचा जाता है, अल्कोहल निर्भरता के उपचार के लिए एक मान्य औषधि है। यह औषधि कुछ ही मरीजों तक पहुँच सकी है। यह व्यसन औषधि विशेषज्ञों के द्वारा प्रतिरोध एवं संसाधनों की कमी सहित कई कारकों के कारण हो सकता है।[14]

माता-पिता एवं पति-पत्नियों द्वारा परिवार के सदस्यों में औषधि के उपयोग के संकेतों या औषधि के उपयोग के लक्षणों की पहचान करने की क्षमता घरेलू औषधि जांच तकनीक की उत्पत्ति से महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित हुई है जो सामान्य मार्ग एवं निर्धारित औषधियों की प्रयोगशाला के समान गुणवत्ता की पहचान करने में मदद करता है।

रोकथाम[संपादित करें]

11-20 मार्च 2009 तक वियना में संयुक्त राष्ट्र संघ के मादक द्रव्य आयोग के बावनवें सत्र की घोषणा, जिसमें 130 सदस्य देशों ने भागीदारी की, यह कहता है कि "हम विश्व में नशीले पदार्थ की समस्या को रोकने एवं नशीले पदार्थ के दुरुपयोग से मुक्त समाज को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घोषणा में नशीले पदार्थ के दुरुपयोग का पांच बार प्रयोग किया गया है।[15]

जानपदिक रोग विज्ञान[संपादित करें]

[[चित्र:Drug use disorders world map - DALY - WHO2002.svg|thumb|विकलांगता से समायोजित दवा 100.000 निवासियों प्रति का उपयोग विकारों के लिए वर्ष 2002 में जीवन [25] [26] [27] [28] [29] [30] [31] [. 32] [33] [34] [35] [36 ] 37] [[]]

संयुक्त राज्य अमेरिका में 2009 में उच्च विद्यालय के 20% छात्रों ने बिना नुस्खे के निर्धारित औषधि लिया है।[16]

इतिहास[संपादित करें]

एपीए (APA), ए एम ए (AMA) और एनसीडीए (NCDA)[संपादित करें]

1932 में, अमेरिकी मनश्चिकित्सीय संघ ने एक परिभाषा की रचना की है जिसने विशेषक (अर्हक) कारक के रूप में वैधता, सामाजिक स्वीकार्यता और सांस्कृतिक परिचय का प्रयोग किया है:

…as a general rule, we reserve the term drug abuse to apply to the illegal, nonmedical use of a limited number of substances, most of them drugs, which have properties of altering the mental state in ways that are considered by social norms and defined by statute to be inappropriate, undesirable, harmful, threatening, or, at minimum, culture-alien."

[18]

1966 में, मदात्यय एवं व्यसन के संबंध में अमेरिकी चिकित्सा संघ की समिति ने उत्तेजनावर्द्धक औषधियों (मुख्य रूप से ऐफिटामिन्स) के दुरूपयोग को ’चिकित्सा संबंधी निरीक्षण’ के सन्दर्भ में परिभाषित किया है:

…'use' refers to the proper place of stimulants in medical practice; 'misuse' applies to the physician's role in initiating a potentially dangerous course of therapy; and 'abuse' refers to self-administration of these drugs without medical supervision and particularly in large doses that may lead to psychological dependency, tolerance and abnormal behavior.

1973 में मारिजुआना और नशीली दवाओं के सेवन संबंधी राष्ट्रीय आयोग ने कहा:

... नशीली दवा का सेवन भेषजगुणविज्ञान संबंधी क्रियाओं का ध्यान किए बिना किसी भी प्रकार की औषधि या रासायनिक पदार्थ का उल्लेख कर सकता है। केवल एक समान अर्थ: सामाजिक अस्वीकृति होना एक विभिन्नदर्शनग्राही अवधारणा है। ... आयोग का मानना है कि आधिकारिक घोषणाओं और सार्वजनिक नीति वार्ता से नशीली दवाओं के सेवन शब्द को हटा दिया जाना चाहिए. शब्द की कोई कार्यात्मक उपयोगिता नहीं है और यह उस नशीली दवा के सेवन के लिए स्वेच्छित कूट शब्द से अधिक कुछ नहीं है जिसे वर्तमान में गलत माना जाता है।[19]

डीएसएम[संपादित करें]

अमेरिकी मनश्चिकत्सा संघ की मनोविकार संबंधी नैदानिक एवं सांख्यिकीय नियम पुस्तिका (1952 में परिभाषित) के प्रथम संस्करण में शराब (अल्कोहल) और नशीली दवाओं के सेवन को मनोवकृत व्यक्तित्व विकारों के अन्तर्गत वर्गीकृत किया गया, जो अधिक सघन मनोवैज्ञानिक विकारों या नैतिक कमजोरियों के लक्षण माने जाते थे।

तीसरे संस्करण ने, जो 1980 में प्रकाशित हुआ, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों को पेश कर मात्र मादक द्रव्य के सेवन (नशीली दवा के सेवन सहित) से अलग स्थितियों के रूप में मादक द्रव्य के सेवन एवं मादक द्रव्य की निर्भरता की सर्वप्रथम पहचान की. निर्भरता की परिभाषा ने औषधियों के प्रति सहिष्णुता और नशीले पदार्थ के प्रतिकार का निदान के प्रमुख तत्वों के रूप में जोर दिया, जबकि दूर होने को उन्हें वापस लेने से निदान के लिए महत्वपूर्ण घटक के रूप में, जबकि अनुचित सेवन को नशीले पदार्थ के प्रतिकार या सहिष्णुता के बिना " सामाजिक या व्यावसायिक हानि के साथ समस्याग्रस्त उपयोग" के रूप में परिभाषित किया गया।

1987 में डीएसएम-III श्रेणी के "मस्तिष्क या व्यवहार को प्रभावित करने वाले पदार्थ के सेवन", जिसमें नशीली दवा के सेवन संबंधी पूर्व की अवधारणा शामिल है, को " .....के द्वारा सूचित उपयोग की दोषपूर्ण अनुकूलनीय पद्धति..... भौतिक रूप से खतरनाक स्थितियों में प्रयोग किए जाने या बार-बार प्रयोग से उत्पन्न या बढ़ाये गए निरंतर या पुनरावर्ती सामाजिक, व्यावसायिक, मनोवैज्ञानिक या शारीरिक समस्या के ज्ञान के बावजूद सतत प्रयोग" के रूप में परिभाषित किया गया। यह एक अवशिष्ट श्रेणी है, जिसके साथ लागू होने पर निर्भरता पूर्वता प्राप्त करती है। निदान में व्यवहार और शारीरिक कारकों को समान महत्व देने वाली यह प्रथम परिभाषा थी।

1988 तक, डीएसएम-IV मादक पदार्थ की निर्भरता को "सहिष्णुता एवं नशीली दवा के प्रतीकार के साथ या उसके बिना एक बाध्यकारी प्रयोग को शामिल करने वाले सहलक्षण" के रूप में परिभाषित करता है; जबकि मादक पदार्थ का सेवन " बाध्यकारी प्रयोग, महत्वपूर्ण सहिष्णुता, या नशीली दवा के प्रतीकार के बिना जटिल प्रयोग" है। मादक द्रव्यों का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और कुछ परिदृश्यों में प्राणघातक हो सकता है।

1994 तक, अमेरिकी मनश्चिकत्सा संघ द्वारा जारी मनोविकार संबंधी नैदानिक एवं सांख्यिकीय नियम पुस्तिका (डीएसएम) के चौथे संस्करण में, डीएसएम-IV-टीआर, मादक द्रव्य की निर्भरता को इस प्रकार परिभाषित करता है कि " जब मादक द्रव्य से संबंधित समस्या के बावजूद कोई व्यक्ति शराब (अल्कोहल) या अन्य नशीली दवाओं का निरंतर प्रयोग करता है, तो मादक द्रव्य की निर्भरता का निदान किया जा सकता है" जिसके बाद निदान करने के मानदंडों का पालन किया जाता है।[6]

डीएसएम-IV-टीआर (DSM-IV-TR) मादक पदार्थ के सेवन की परिभाषा इस प्रकार देता है:[20]

  • क. मादक द्रव्य सेवन की एक दोषपूर्ण अनुकूलनीय पद्धति जिसके फलस्वरूप महत्वपूर्ण हानि या दु:ख होता है, जिसे 12 महीने की अवधि के भीतर उत्पन्न होने वाली निम्नांकित में से एक घटना के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है:
  1. बार-बार मादक द्रव्य सेवन जिसके परिणामस्वरूप काम के समय, विद्यालय, या घर में भूमिका दायित्वों को पूरा करने में विफलता होती है (जैसे, मादक द्रव्य सेवन से संबंधित बार-बार होने वाली अनुपस्थितियां या काम का घटिया प्रदर्शन; मादक द्रव्य-संबंधित अनुपस्थितियां, विद्यालय से निलंबन या निष्कासन; बच्चों या परिवार की उपेक्षा)
  2. उन स्थितियों में बार-बार मादक द्रव्य सेवन जिसमें यह शारीरिक रूप से खतरनाक होता है (जैसे, मादक द्रव्य सेवन से दुर्बल होकर एक मोटर-गाड़ी चलाना या एक मशीन चलाना)
  3. बार-बार होने वाला मादक द्रव्य संबंधित कानूनी समस्याएं (जैसे, मादक द्रव्य संबंधित उत्पाती आचरण के लिए गिरफ्तारियां)
  4. मादक द्रव्य के प्रभावों के द्वारा उत्पन्न की गयी या बढ़ायी गयी निरंतर या बार-बार होने वाली सामाजिक या अंतर्वैयक्तिक समस्याओं के बावजूद सतत मादक द्रव्य सेवन (उदाहरण के लिए, नशे, शारीरिक झगड़ों के के परिणामों के बारे में पत्नी के साथ बहस)
  • ख. इस वर्ग के मादक द्रव्य के लिए लक्षणों ने कभी भी मादक द्रव्य संबंधी निर्भरता के मानदंडों को पूरा नहीं किया है।

डीएसएम (डीएसएम-5) के पांचवें संस्करण, जिसे जारी करने की योजना 2013 में की गई, के शब्दावली की पुन: चर्चा किये जाने की संभावना है। मादक द्रव्य सेवन/निर्भरता शब्दावली से संक्रमण विचाराधीन है। फिलहाल, मादक द्रव्य सेवन को निर्भरता मानदंडों की विशेषता बताने वाले एक आरंभिक या कम खतरनाक रूप में देखा जाता है। हालांकि, की 'ए पी ए' के निर्भरता शब्द, जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, का यह अर्थ नहीं होता है कि शरीरक्रियात्मक निर्भरता उपस्थित है बल्कि इसका अपेक्षाकृत अर्थ होता है कि बीमारी की अवस्था उपस्थित रहती है, एक ऐसी जिसका अधिकांश लोग एक आदी अवस्था के रूप में उल्लेख करेंगे. इसमें शामिल कई लोग यह स्वीकार करते हैं कि शब्दावली ने अक्सर चिकित्सा समुदाय के भीतर और सामान्य जनता दोनों के बीच भ्रम उत्पन्न किया गया है। अमेरिकी मनश्चिकत्सा संघ इस निवेश (इनपुट) का अनुरोध करता है कि जब बीमारी डीएसएम-5 की चर्चा के साथ आगे बढ़ता है तो शब्दावली को कैसे परिवर्तित किया जाए.

समाज और संस्कृति[संपादित करें]

कानूनी दृष्टिकोण[संपादित करें]

संबंधित लेख: नशीली दवा नियन्त्रण कानून, निषेध (नशीली दवा), नशीली दवा निषेध के पक्ष एवं विपक्ष में तर्क

अधिकांश सरकारों ने कुछ ख़ास प्रकार की नशीली दवाओं के उपयोग को गैरकानूनी घोषित करने के लिए कानून का निर्माण किया है। इन नशीली दवाओं को अक्सर "गैरकानूनी दवाएं" कहा जाता है लेकिन सामान्य रूप से बिना लाइसेंस के उनका उत्पादन करना, वितरण करना एवं उन्हें अपने अधिकार में रखना गैरकानूनी है। इन दवाओं को "नियंत्रित मादक द्रव्य" भी कहा जाता है। सामान्य अधिकार के लिए भी, कानूनी दंड काफी कठोर (कुछ देशों में मृत्यु दंड सहित) हो सकते हैं। विभिन्न देशों में और उनके भीतर भी, कानून में भिन्नता हो सकती है और पूरे इतिहास में कानून व्यापक रूप से बदलते रहे हैं।

सरकार द्वारा प्रायोजित दवा नियंत्रण नीति द्वारा नशीली दवा की आपूर्ति पर पाबंदी लगाने एवं नशीली दवाओं के सेवन को समाप्त करने के प्रयास व्यापक रूप से असफल रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा बहुत अधिक प्रयासों के बावजूद, नशीली दवा की आपूर्ति एवं शुद्धता अब तक सर्वाधिक हो चुकी है, जिसमें संसाधनों का बहुसंख्यक परिमाण सार्वजनिक स्वास्थ्य बजाय नशीली दवा के निषेध एवं कानून को लागू कराने पर खर्च किया गया।[21][22] बावजूद इस तथ्य के कि यूरोपीय संघ में 100 मिलियन अधिक नागरिक हैं,संयुक्त राज्य अमेरिका में, जेल में नशीली दवा के अहिंसक अपराधियों की संख्या यूरोपीय संघ में कैद की गयी कुल संख्या से 100,000 अधिक है,

नशीली दवा संबंधी कानून के बावजूद (या शायद इसके कारण), बड़े, संगठित आपराधिक नशीली दवा उत्पादक-संघ विश्वव्यापी स्तर पर संचालित है। आपराधिक डंडों की समाप्ति के समर्थक यह तर्क देते हैं कि नशीली दवा के निषेध नशीली दवा के व्यापार को एक लाभकारी व्यवसाय बनाते हैं, जिससे अधिकांश आपराधिक गतिविधियां संबंधित हैं।

लागत[संपादित करें]

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय का अनुमान है कि अपराध, अनुपस्थितता एवं बीमारी के सन्दर्भ में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए[23] नशीली दवाओं के सेवन की सामाजिक और आर्थिक लागत एक वर्ष में 20 मिलियन पाउंड से अधिक है।[24].

यह तथापि इस बात का अनुमान नहीं लगाता है कि उन अपराधों का कितना हिस्सा नशीली दवा की पाबंदी (महंगी नशीली दवा के उपभोग, जोखिम भरे उत्पादन एवं खतरनाक वितरण को को जारी रखने के अपराध) के अनभिप्रेत परिणाम हैं और न ही कि लागू करने की लागत क्या है। वे पहलु निषेध (पाबंदी) के अर्थशास्त्र के पूर्ण विश्लेषण के लिए आवश्यक हैं।[25]

गृह मन्त्रालय कार्यालय का, वैज्ञानिक समुदाय के प्रत्यक्ष विरोध में, नियंत्रित नशीली दवाओं, जिसमें अज्ञात सांघातिकताओं और चिकित्सा संबंधी लाभ[26] वाली नशीली दवाएं शामिल हैं, के प्रति हाल का कठोर कदम उठाने का इतिहास है।[27]

उपचार[संपादित करें]

अत्यधिक शराब पीने एवं मादक द्रव्यों के सेवन के अन्य रूपों के लिए उपचार दुनिया भर के कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यवहार हस्तक्षेप मौजूद हैं लोगों के जीवन में कुछ मानसिक संतुलन बहाल करने के लिए उनकी सहायता की है। व्यावहारिक व्यवहार विश्लेषण साहित्य एवं व्यवहार मनोविज्ञान साहित्य से कई साक्ष्य आधारित हस्तक्षेप कार्यक्रम उभरे हैं:

इसके अलावा, उसी लेखक का सुझाव है कि शराब की निर्भरता वाले अन्तरंग रोगी के उपचार के पूरक सामाजिक कौशल प्रशिक्षण शायद प्रभावोत्पादक है। हालांकि, ये कार्यक्रम व्यसन (नशे के आदी) के परामर्शदाताओं के बीच व्यापक नहीं हैं। एनआईडीए (NIDA) की हाल की प्रवृत्ति इन हस्तक्षेप तकनीकों का असरदार तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करना है। कई सफल कार्यक्रम जारी हैं।[30]

इन्हें भी देंखे[संपादित करें]

नोट्स[संपादित करें]

  1. ↑PMID 17382831 (PubMed)
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  2. Substance abuse at Dorland's Medical Dictionary
  3. drug abuse at Dorland's Medical Dictionary
  4. ↑(2002). मॉसबी'स मेडिकल, नर्सिंग एण्ड एलाइड हेल्थ डिक्शनरी. छठा संस्करण. नशीली दवाओं का परिभाषा, पृष्ठ 552. नर्सिंग डायाग्नोसेस, पृष्ठ 2109. ISBN 0-323-01430-5.
  5. ↑"नशीली दवाएं". बीबीसी समाचार.
  6. DSM-IV और DSM-IV-TR: पदार्थ निर्भरता सन्दर्भ त्रुटि: Invalid tag; name "DSM4" defined multiple times with different content
  7. ↑Barrett SP, Meisner JR, Stewart SH (November 2008). "What constitutes prescription drug misuse? Problems and pitfalls of current conceptualizations". Curr Drug Abuse Rev1 (3): 255–62. PMID 19630724. http://www.bentham.org/cdar/openaccsesarticle/cdar%201-3/0002CDAR.pdf. 
  8. ↑McCabe SE, Boyd CJ, Teter CJ (June 2009). "Subtypes of non-medical prescription drug misuse". Drug Alcohol Depend102 (1-3): 63–70. doi:10.1016/j.drugalcdep.2009.01.007. PMID 19278795. 
  9. ↑Burke PJ, O'Sullivan J, Vaughan BL (November 2005). "Adolescent substance use: brief interventions by emergency care providers". Pediatr Emerg Care21 (11): 770–6. PMID 16280955. 
  10. ↑O'Connor, Rory; Sheehy, Noel (29 Jan 2000). Understanding suicidal behaviour. Leicester: BPS Books. पृ॰ 33–36. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-85433-290-5. http://books.google.com/?id=79hEYGdDA3oC. 
  11. ↑Isralowitz, Richard (2004). Drug use: a reference handbook. Santa Barbara, Calif.: ABC-CLIO. पृ॰ 122–123. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1-57607-708-5. http://books.google.com/?id=X0mxxfbIbp4C. 
  12. ↑Evans, Katie; Sullivan, Michael J. (1 मार्च 2001). Dual Diagnosis: Counseling the Mentally Ill Substance Abuser (2nd सं॰). Guilford Press. पृ॰ 75–76. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1572304468. http://books.google.com/?id=lvUzR0obihEC. 
  13. ↑जफे, जे.एच.(1975). नशीली दवाओं की लत और नशीली दवाओं के दुरुपयोग. एल.एस. गुडमैन एण्ड ए. गिलमैन (एड्स.) द फरामैकॉलोजिकल बेसिस ऑफ़ थेरापेयुटिस (5 एड.). न्यू यॉर्क: मैकमिलन. पीपी. 284-324.
  14. ↑बोर्ड ऑन बिहेवियरल, संज्ञानात्मक और संवेदी विज्ञान और शिक्षा (BCSSE). (2004) न्यू ट्रीटमेंटस फॉर एडिक्शन: बिहेवियरल, एथिकल, लीगल एण्ड सोशियल क्वेस्चंस. राष्ट्रीय अकादमियों प्रेस. पीपी. 7-8, 140-141
  15. ↑वियना आयोग पर स्वापक औषधि पचास दूसरी सत्र, 11-20 मार्च 2009
  16. ↑"CDC Newsroom Press Release June 3, 2010". http://www.cdc.gov/media/pressrel/2010/r100603.htm. 
  17. ↑वैश्विक स्तर की रिपोर्ट की लीटर में कुल दर्ज व्यक्ति (15 +) उपभोग, प्रति 2004 पर शराब शराब
  18. ↑Glasscote, RM, ससेक्स, जे.एन., Jaffe, झा, बॉल, जे, Brill, एल (1932). दुरुपयोग तुम जैसे लोगों के लिए दवा के उपचार ... कार्यक्रम, समस्याओं, संभावनाओं. वाशिंगटन, डीसी: अमेरिकी मनोरोग एसोसिएशन के संयुक्त सूचना सेवा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नेशनल एसोसिएशन.
  19. ↑नशीली दवाओं के सेवन और आयोग को भंग राष्ट्रीय दूसरी रिपोर्ट की, नशीली दवाओं के प्रयोग अमेरिका में समस्या: p.13 1973 में (परिप्रेक्ष्य मार्च),
  20. ↑अमेरिकी मनोरोग एसोसिएशन (1994). और नैदानिक संस्करण) 4 सांख्यिकीय मैनुअल के मानसिक विकारों (. वाशिंगटन DC
  21. ↑Copeman M (April 2003). "Drug supply and drug abuse". CMAJ168 (9): 1113; author reply 1113. PMC 153673. PMID 12719309. http://www.cmaj.ca/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=12719309. 
  22. ↑Wood E, Tyndall MW, Spittal PM, et al. (January 2003). "Impact of supply-side policies for control of illicit drugs in the face of the AIDS and overdose epidemics: investigation of a massive heroin seizure". CMAJ168 (2): 165–9. PMC 140425. PMID 12538544. http://www.cmaj.ca/cgi/pmidlookup?view=long&pmid=12538544. 
  23. ↑"NHS and Drug Abuse". National Health Service (NHS). March 22, 2010. http://www.nhs.uk/LiveWell/Drugs/Pages/Drugshome.aspx. अभिगमन तिथि: March 22, 2010. 
  24. ↑http://drugs.homeoffice.gov.uk/drug-strategy/drugs-in-workplace
  25. ↑Thornton, Mark. "The Economics of Prohibition". http://mises.org/story/2269. 
  26. ↑"Cannabis laws to be strengthened". बीबीसी न्यूज़. 2008-05-07. http://news.bbc.co.uk/1/hi/uk_politics/7386889.stm. अभिगमन तिथि: 2010-05-01. 
  27. ↑http://www.bbc.co.uk/blogs/thereporters/markeaston/2009/11/why_was_david_nutt_sacked.html
  28. ↑Chambless et al., D.L. (1998). [www.apa.org/divisions/div12/est/newrpt.pdf "An update on empirically validated therapies"] (PDF). Clinical Psychology (American Psychological Association) 49: 5–14. www.apa.org/divisions/div12/est/newrpt.pdf. अभिगमन तिथि: 2008-03-24. 
  29. ↑O'Donohue, W; K.E. Ferguson (2006). "Evidence-Based Practice in Psychology and Behavior Analysis" (accessdate = 2008-03-24). The Behavior Analyst Today (Joseph D. Cautilli) 7 (3): 335–350. http://www.baojournal.com. 
  30. ↑Purvis जी और MacInnis, डीएम (2009). सामुदायिक सुदृढीकरण (एक लंबे समय से खड़ी व्यसनों आउट पेशेंट क्लीनिक में दृष्टिकोण CRA) के कार्यान्वयन. 33-44) व्यवहार विश्लेषण के जर्नल के खेल, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य और व्यवहार चिकित्सा, 2 (1Bao

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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